इसमें योग, आयुर्दाय (दीर्घायु), भावफल और दशा प्रणालियों का इतना सूक्ष्म वर्णन है कि इसे एक "मास्टरपीस" माना जाता है।
जातक पारिजात (Jataka Parijata) वैदिक ज्योतिष के सबसे महत्वपूर्ण और प्रामाणिक ग्रंथों में से एक माना जाता है। 15वीं शताब्दी (लगभग 1426 ई.) में द्वारा रचित यह ग्रंथ पराशरीय सिद्धांतों पर आधारित है। यदि आप "Jatak Parijat PDF Hindi" की खोज कर रहे हैं, तो यह लेख आपको इसके महत्व, विषय-सूची और इसे प्राप्त करने के विश्वसनीय स्रोतों के बारे में विस्तार से बताएगा। जातक पारिजात का महत्व jatak parijat pdf hindi
मनुष्य की आयु गणना की विधियां। jatak parijat pdf hindi
विंशोत्तरी और अन्य दशाओं का फल। पारिजात योग (Parijata Yoga) Jataka Parijata (Vol 1, 2 & 3) in English by V S Shashtri jatak parijat pdf hindi
महिलाओं की कुंडली देखने के विशेष नियम।
ज्योतिष शास्त्र के विद्वान इसे और बृहत जातक के समान ही दर्जा देते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
यह गर्ग, पाराशर और वराहमिहिर जैसे ऋषियों के विशाल होरा ग्रंथों का सार है।